Yellow Vest Movement: ‘पीली जैकेट’ आंदोलन क्या है?

साल 2018 में फ्रांस में एक पीली जैकेट विरोध का प्रतीक बन गई। इसे पहनकर सड़कों पर उतरे लाखों लोगों की माँगें इतनी तेज़ी से एक बड़े आंदोलन में बदल गईं कि सरकार को उनकी मांगें मानकर अपना फैसला वापस लेना पड़ा।
आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक टैक्स के खिलाफ शुरू हुआ विरोध पूरे देश की नाराज़गी की आवाज़ बन गया?
कभी-कभी सरकार का एक फैसला उस नाराज़गी को बाहर ले आता है, जो लोगों के मन में लंबे समय से जमा हो रही होती है। फ्रांस में 2018 का Yellow Vest आंदोलन इसकी एक मिसाल बना।
ईंधन पर प्रस्तावित टैक्स बढ़ोतरी के खिलाफ शुरू हुआ विरोध धीरे-धीरे आर्थिक असमानता और सरकारी नीतियों के प्रति व्यापक असंतोष में बदल गया। पीली जैकेट पहने प्रदर्शनकारियों का यह आंदोलन आगे चलकर Yellow Vest आंदोलन के नाम से जाना गया।
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कैसे शुरू हुआ आंदोलन?
इस आंदोलन की शुरुआत ईंधन पर प्रस्तावित टैक्स बढ़ोतरी के विरोध से हुई थी। फ्रांस की तत्कालीन सरकार पर्यावरण संबंधी नीतियों के तहत ईंधन पर कर बढ़ाना चाहती थी। लेकिन जनता में डीज़ल और पेट्रोल पर प्रस्तावित इस टैक्स बढ़ोतरी ने नाराज़गी बढ़ा दी, क्योंकि यह उनकी अपने रोज़मर्रा के काम, नौकरी और यात्रा के लिए मुश्किल खड़ी करने वाला लगा। लोगों का कहना था कि बढ़ती जीवन-यापन की लागत के बीच ऐसे फैसलों का बोझ आम नागरिकों पर अधिक पड़ेगा।

Yellow Vest या पीली जैकेट नाम क्यों?
इस आंदोलन का फ्रेंच नाम Gilets Jaunes है, जिसका शाब्दिक अर्थ होता है “पीली जैकेटें” या “Yellow Vests”। यह नाम उन चमकीली ‘हाई-विज़िबिलिटी’ (साफ दिखाई देने वाली) जैकेट्स से पड़ा, जिन्हें प्रदर्शनकारियों ने अपनी शिकायतों के प्रतीक के रूप में अपनाया था। दरअसल, फ्रांस में वाहन चालकों के लिए गाड़ी में पीले रंग की चमकीली हाई-विज़िबिलिटी जैकेट साथ रखना अनिवार्य है, ताकि सड़क पर गाड़ी खराब होने या आपात स्थिति में वे दूर से दिखाई दे सकें। प्रदर्शनकारियों ने इन्हीं पीली जैकेटों को विरोध के प्रतीक के रूप में अपनाया। यह जैकेट आसानी से उपलब्ध थी और अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोगों को एक साझा पहचान देती थी। इसी कारण यह आंदोलन Yellow Vest, यानी Gilets Jaunes, के नाम से मशहूर हुआ।
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सरकार को फैसला क्यों बदलना पड़ा?
17 नवंबर 2018 को यह नाराज़गी बड़े जन-आंदोलन में बदल गई। यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल या यूनियन से जुड़ा नहीं था। प्रदर्शन धीरे-धीरे व्यापक होते गए और देखते ही देखते पूरे देश में फैल गए। आंदोलन में अलग-अलग उम्र, पेशों और सामाजिक पृष्ठभूमि के लोग शामिल हुए। उनकी माँगें अब केवल ईंधन टैक्स तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि बेहतर क्रय-शक्ति, आर्थिक सामाजिक असमानता और सरकार की नीतियों को लेकर असंतोष जैसे मुद्दे भी प्रमुख हो गए। इस दौरान कई जगह प्रदर्शन हिंसक हुए और तोड़फोड़ की घटनाएँ भी सामने आईं।
लगातार विरोध और हिंसक झड़पों के बीच सरकार को अपने फैसले पर पीछे हटना पड़ा। दिसंबर 2018 में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार ने प्रस्तावित ईंधन टैक्स बढ़ोतरी को पहले स्थगित किया और फिर उसे रद्द करने की घोषणा की। यह आंदोलन की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि थी। हालांकि, सरकार ने आर्थिक राहत के अन्य कदम भी उठाए लेकिन प्रदर्शनकारियों की सभी माँगें पूरी नहीं हुईं और आंदोलन का व्यापक आर्थिक प्रभाव सीमित रहा।
निष्कर्ष
Yellow Vest आंदोलन यह दिखाता है कि जनता का संगठित विरोध सरकार के फैसलों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन एक माँग पूरी हो जाना सभी समस्याओं का समाधान नहीं होता। यह आंदोलन फ्रांस के हालिया इतिहास में जनता की आर्थिक चिंताओं और राजनीतिक असंतोष का एक महत्त्वपूर्ण उदाहरण है।
