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अब ‘जॉय बंगला’ (Joy Bangla) होगा बांग्‍लादेश का राष्‍ट्रीय नारा (Motto)

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भारत के पड़ोसी देश बांग्‍लादेश (Bangladesh) का राष्‍ट्रीय नारा (Motto) अब ‘जॉय बंगला’ (Joy Bangla) होगा। इस सन्दर्भ में बांग्‍लादेश के उच्‍च न्‍यायालय ने यह फैसला दिया। 10 मार्च, 2020 को  उच्‍च न्‍यायालय के दो न्‍यायाधीशों की खंडपीठ ने इस संबंध में सभी संवैधानिक पदों पर काम कर रहे लोगों और राज्‍य के अधिकारियों को राष्‍ट्रीय दिवस और अन्‍य उचित अवसरों पर भाषण के अंत में जॉय बंगला कहने के लिए उचित कदम उठाने को कहा है।  

न्‍यायालय ने अधिकारियों से अध्‍यापकों और छात्रों को सभा के बाद जॉय बंगला नारा बोलना सुनिश्चित करने को भी कहा है। इस सन्दर्भ में न्यायालय ने सरकार से तीन महीने के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट देने को कहा है।

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आज़ादी का था उद्घोष ‘जॉय बांग्ला’ (Joy Bangla)
ग़ौरतलब है किवर्ष 1971 में पाकिस्‍तान से बांग्‍लादेश की स्‍वतंत्रता के दौरान  ‘जॉय बांग्ला’ प्रमुख नारा रहा था। इसके साथ ही बांग्‍लादेश के प्रथम राष्‍ट्रपति शेख़  मुजीबुर रहमान ने भी 7 मार्च, 1971 को बांग्‍लादेश की स्‍वतंत्रता के उद्घोष के बाद ‘जॉय बांग्ला’ के नारे का प्रयोग किया था।

बांग्लादेश (Bangladesh) के बारे में
बांग्लादेश दक्षिण जंबूद्वीप का एक राष्ट्र है। बांग्लादेश और भारतीय राज्य पश्चिम बंगाल एक बांग्लाभाषी अंचल, बंगाल हैं। पाकिस्तान के गठन के समय पश्चिमी क्षेत्र में सिंधी, पठान, बलोच और मुजाहिरों की बड़ी संख्या थी, जबकि पूर्व हिस्से में बंगाली बोलने वालों का बहुमत था। इसकी सीमारेखा उस समय निर्धारित हुई जब 1947 में भारत के विभाजन के समय इसे पूर्वी पाकिस्तान के नाम से पाकिस्तान का भाग घोषित किया गया। 26 मार्च को प्रत्येक वर्ष बांग्लादेश अपना स्वतन्त्रता दिवस मनाता है। इस दिन यहाँ राष्ट्रीय अवकाश होता है। विदित हो कि 26 मार्च, 1971 को बांग्लादेश की स्वतंत्रता की घोषणा की गई थी और मुक्ति युद्ध शुरू कर दिया गया था। बांग्लादेश की संसद का नाम ‘जातीय संसद’ है। देश की सबसे बड़ी वैधानिक संस्था बांग्लादेशी सर्वोच्च न्यायालय है।

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